Thursday, December 2, 2021
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कुंडली: अपनी कुंडली में देखें धनवान बनने का योग। धन के बारे में क्या कहती है कुंडली?

ज्योतिष

लेखका-गजेंद्र शर्मा

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अपडेट किया गया: शुक्रवार, 26 नवंबर, 2021, 9:56 [IST]

गूगल वनइंडिया न्यूज

नई दिल्ली, 26 नवंबर। हर कोई अमीर बनना चाहता है, लेकिन कड़ी मेहनत के बाद भी बहुत से लोग सामान्य जीवन जीने के लिए इतना पैसा नहीं कमा पाते हैं। ज्योतिष की दृष्टि से जातक की कुंडली में धनवान बनने या न बनने के योग बनते हैं। ग्रहों की स्थिति, उन पर शुभ और पाप ग्रहों की दृष्टि के अनुसार धनवान बनने के लिए अनेक प्रकार के योग बनते हैं। जो ग्रह नवमेश और पंचमेश से युति या दृष्ट होते हैं, वे प्रसन्न होते हैं और जो लोग अष्टमेश, छठे, व्येश और मारकेश के साथ होते हैं, वे शोक प्रदान करते हैं।

कुंडली: अपनी कुंडली में देखें धनवान बनने का योग

आइए जानते हैं कुछ खास योगों के बारे में।

  • 1. लग्न से भाग्य स्थान में गुरु की राशि धनु या मीन होती है और यदि उसमें शुभ ग्रह हो, गुरु-शुक्र युति हो या पंचमेश के साथ युति हो तो जातक किसी राशि का स्वामी होता है। बहुत पैसे।
  • 2. पंचम भाव में बुध की राशि कन्या या मिथुन हो और उसमें शुभ ग्रह हो, मंगल शुभ स्थान में चंद्रमा के साथ हो तो जातक बहुत धनवान होता है।
  • 3. पंचम भाव में शुक्र की राशि वृष या तुला हो और उसमें शुक्र और बुध हों और शनि एकादश भाव में हो तो जातक के पास अटूट धन होता है।
  • 4. यदि पंचम भाव में सूर्य सिंह राशि में हो और गुरु शुभ भाव में हो तो जातक बहुत अधिक धन का स्वामी होता है।
  • 5. पंचम भाव में शनि की राशि कुम्भ या मकर हो, उसमें शुभ शनि भी हो तो जातक अधिक धन का स्वामी होता है।
  • 6. यदि कुंडली के पंचम भाव में गुरु की राशि धनु या मीन हो, यदि गुरु उसमें स्थित हो और बुध शुभ भाव में चंद्रमा के साथ युति कर रहा हो तो व्यक्ति बहुत अधिक धन का स्वामी होता है।

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  • 7. पंचम भाव में चन्द्रमा कर्क राशि में हो, मंगल लाभ भाव में हो तो व्यक्ति के पास धन की कमी नहीं होती है।
  • 8. यदि सिंह लग्न में हो, उसमें सूर्य हो और उस पर मंगल और बृहस्पति की दृष्टि हो तो वह व्यक्ति कभी न खत्म होने वाले धन का स्वामी होता है।
  • 9. यदि कर्क लग्न में हो, चन्द्रमा, गुरु और मंगल की युति मंगल से हो या उस पर दृष्टि हो तो जातक को धन और यश की प्राप्ति होती है।
  • 10. वृश्चिक या मेष लग्न में मंगल के साथ गुरु-चंद्रमा हो या उन पर दृष्टि हो तो जातक धनवान और प्रतिष्ठित होता है।
  • 11. लग्न मिथुन या कन्या हो तो उसमें बुध स्थित हो और गुरु और चंद्रमा की युति में हो तो जातक धन के मामले में भाग्यशाली होता है।

अंग्रेजी सारांश

कुंडली में जन्म कुंडली के दूसरे भाव को धन भाव के नाम से जाना जाता है। यह व्यक्ति के जीवन में धन या धन का संकेत देता है।

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