जम्मू-कश्मीर में बारिश से क्षतिग्रस्त फसल के लिए राहत राशि खातों में होगी जमा, एक लाख किसानों को राहत

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समाचार डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

द्वारा प्रकाशित: विमल शर्मा
अपडेट किया गया शुक्र, 26 नवंबर 2021 12:29 PM IST

सारांश

प्रदेश में ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई धान की फसल का मुआवजा सीधे किसानों के खातों में जमा किया जाएगा. इसके लिए सभी किसानों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है.

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जम्मू-कश्मीर में बारिश और ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई धान की फसल की राहत राशि सीधे किसानों के खातों में जमा की जाएगी. इसके लिए किसानों के खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि प्रधानमंत्री कृषि योजना के तहत किसानों के खाते पहले से ही आधार से जुड़े हुए हैं और उनकी जानकारी राजस्व विभाग के पास है, जो इसमें शामिल नहीं हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है.बारिश और ओलावृष्टि से एक लाख से अधिक किसानों की फसल प्रभावित हुई है। जम्मू, सांबा, कठुआ में 80 हजार से ज्यादा किसान हैं, जिन्हें राहत मिलेगी. कठुआ के डीसी राहुल यादव का कहना है कि राहत राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी. अब तक करीब 10 हजार किसानों को राहत राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इतने ही किसान बचे हैं, जिनका हिसाब-किताब जमा कर उन्हें राहत राशि दी जाएगी।

वहीं, जम्मू और सांबा जिलों में किसानों के खातों में पैसा जाएगा. हालांकि किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक राहत राशि नहीं मिली है. सांबा में 22844 किसानों को राहत राशि मिलने वाली है.

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में बारिश और ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई धान की फसल की राहत राशि सीधे किसानों के खातों में जमा की जाएगी. इसके लिए किसानों के खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि प्रधानमंत्री कृषि योजना के तहत किसानों के खाते पहले से ही आधार से जुड़े हुए हैं और उनकी जानकारी राजस्व विभाग के पास है, जो इसमें शामिल नहीं हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है.

बारिश और ओलावृष्टि से एक लाख से अधिक किसानों की फसल प्रभावित हुई है। जम्मू, सांबा, कठुआ में 80 हजार से ज्यादा किसान हैं, जिन्हें राहत मिलेगी. कठुआ के डीसी राहुल यादव का कहना है कि राहत राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी. अब तक करीब 10 हजार किसानों को राहत राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इतने ही किसान बचे हैं, जिनका हिसाब-किताब जमा कर उन्हें राहत राशि दी जाएगी।

वहीं, जम्मू और सांबा जिलों में किसानों के खातों में पैसा जाएगा. हालांकि किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक राहत राशि नहीं मिली है. सांबा में 22844 किसानों को राहत राशि मिलने वाली है.

ऊंट के मुंह में जीरा, वो भी देर से

किसानों की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। लेकिन राशि उन्हें प्राकृतिक आपदा में ही मिलनी है। इसमें भी देरी हो रही है। यह ऊँट के मुँह में जीरे के समान है। अभी तक गिने-चुने किसानों को ही मुआवजा मिला है। आधे से ज्यादा किसानों को नहीं मिला है। यदि अब तक पैसा उपलब्ध हो तो वे बिना किसी परेशानी के गेहूं की बुवाई कर सकते हैं, क्योंकि किसानों की अगली फसल पिछली फसल की कमाई पर निर्भर करती है।

तेजिंदर सिंह, अध्यक्ष, किसान संघ, जम्मू-कश्मीर

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